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खाना खाते वकà¥à¤¤ गले में दरà¥à¤¦ होना यानी फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
सेहत के नà¥à¤¸à¥à¤–े पैसिव सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग और साइनस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से à¤à¥€ हो सकती है यह बीमारीà¤à¤¨à¤¬à¥€à¤Ÿà¥€ : फेरिंगà¥à¤•à¥à¤¸ यानी गà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥€ में सूजन फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहलाती है।
à¤à¤¨à¤¬à¥€à¤Ÿà¥€ : फेरिंगà¥à¤•à¥à¤¸ यानी गà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥€ में सूजन फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कहलाती है। इसमें गले में सूजन के साथ-साथ खराश और दरà¥à¤¦ का सामना à¤à¥€ करना पड़ता है। खाना-पीना निगलने में दिकà¥à¤•त होती है। सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ये बीमारी काफी आम है। इस मौसम में यह बढ़ à¤à¥€ जाती है। फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से वायरस की वजह से होता है, लेकिन कà¥à¤› मामलों में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की वजह से à¤à¥€ गले में दरà¥à¤¦ होने लगता है। जिन लोगों को जà¥à¤•ाम होता है, या फिर जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने का अधिक जोखिम होता है। सेकेंड-हैंड सà¥à¤®à¥‹à¤• (अगर कोई आप के पास सिगरेच पी रहा हो) और साइनस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से à¤à¥€ यह बीमारी पनपती है।
बीमारी से आराम पाने के नà¥à¤¸à¥à¤–े
नमक, गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नमक मिला कर दिन में दो-तीन बार गरारे करें। गरारे के तà¥à¤°à¤‚त बाद कà¥à¤› ठंडा न लें। à¤à¤• दो दिन में आपको गले की सूजन से बहà¥à¤¤ राहत मिलेगी।
मà¥à¤²à¤¹à¤ ी
सोते समय à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® मà¥à¤²à¤¹à¤ ी की छोटी सी गांठमà¥à¤– में रखकर कà¥à¤› देर चबाते रहें। फिर मà¥à¤‚ह में रखकर सो जाà¤à¤‚। मà¥à¤²à¤¹à¤ ी चूरà¥à¤£ को पान के पतà¥à¤¤à¥‡ में रखकर चबाते रहें। इससे सà¥à¤¬à¤¹ गला खà¥à¤²à¤¨à¥‡ के साथ-साथ गले का दरà¥à¤¦ और सूजन à¤à¥€ दूर होती है।
लहसà¥à¤¨
इसमें à¤à¤‚टी-माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होता है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस को मारने में मदद करता है। लहसà¥à¤¨ खाने से गले की सूजन कम हो जाती है। इसके लिठलहसà¥à¤¨ की à¤à¤• छोटी सी कली लेकर अपने मà¥à¤‚ह में रखकर धीरे-धीरे चूसे।
नींबू का रस
नींबू का रस पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, इसलिठयह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मार कर गले की सूजन कम करने में मदद करता है। à¤à¤• कप गरà¥à¤® पानी में थोड़ा सा नमक और नींबू के रस की कà¥à¤› बूंदे मिलाकर गरारा करें।
मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा
सà¥à¤¬à¤¹-शाम दोनों वकà¥à¤¤ चार-पांच मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा के दानों को खूब चबाकर खा लें, लेकिन ऊपर से पानी ना पिà¤à¤‚। दस दिनों तक लगातार à¤à¤¸à¤¾ करने से लाठहोगा।
पालक
फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में पालक से आराम मिलता है। पालक के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पीसकर इसकी पटà¥à¤Ÿà¥€ बनाकर गले में बांधे। इस पटà¥à¤Ÿà¥€ को 15-20 मिनट के बाद खोल दें। इससे गले की सूजन और दरà¥à¤¦ कम होने लगता है।
अदरक
अदरक, गले के चारों ओर शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ को शांत कर, सूजन से तà¥à¤°à¤‚त राहत देता है। समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर à¤à¤• पैन में कटा हà¥à¤† अदरक उबाल लें और कà¥à¤› देर उबालने के बाद इसे थोड़ा ठंडा होने के लिठरख दें। इसमें नींबू का रस और मीठा करने के लिठशहद मिला सकते हैं।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की वजह से फैरिनà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जिन लोगों को जà¥à¤•ाम होता है या जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह बीमारी होने का जोखिम होता है।
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